शनिवार, 23 मार्च 2013

आप की तरक्की में बाधक कौन

एक कंपनी के कर्मचारी जब लंच कर के वापस आये तो नोटिस बोर्ड पर एक नोटिस लगा था कि कल कंपनी का एक कर्मचारी का निधन हो गया जो आप कि तरक्की को रोके हुए था - उसकी श्रद्धांजलि सभा में सबको मीटिंग हाल में बुलाया गया था | सब नियत समयपर पहुचे तो मीटिंग हाल में सफ़ेद पर्दा पड़ा था - सब मे कौतुहल था कि आखिर कौन कर्मचारी का देहांत हो गया - कौन उनकी तरक्की को रोके हुए था - सभी लोगो से अनुरोध किया गया कि आप एक एक कर के परदे के पीछे जाये और उस कर्मचारी को श्रद्धांजलि दे | कर्मचारी उस परदे के पीछे जाते और अवाक् होकर बाहर निकलते - उसका राज़ आखिर क्या था - अंत में कंपनी के एक बड़े अधिकारी उस परदे के पीछे जाते है - उस दीवार पर लगी तस्वीर को देख कर वो भी अवाक् रह जाते है - ऐसा क्या था उस तस्वीर में ?.
.
.
वास्तव में वो कोई तस्वीर नथी वो एक "आइना" था और उसके नीचे लिखा था दुनिया में केवल एक ही व्यक्ति था जो आप कि तरक्की में बाधा था वो स्वयं आप - जब आप अपने अधीनस्थ कर्मचारियो से बिना किसी वैयक्तिक प्रेम के एक जैसा व्यवहार करने लगेगे, और उनके नकारात्मक विचारो से पहले अपने को दोषरहित करेंगे - फिर आप को सीमाओ में कोई नहीं बांध पायेगा - आप बहुत तरक्की करेंगे...   

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें