healthy life लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
healthy life लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

रविवार, 3 मार्च 2013

कम्प्यूटर से सिरदर्द Headache Due To Computer Usage


कम्प्यूटर पर काम करने के चलते सिरदर्द की शिकायत करने वाले किशोरों की संख्या बढती जा रही है. तंत्रिका वैज्ञानिकों ने इसके लिए आँखों और  मस्तिष्क पर पड़ने वाले दबाव को जिम्मेदार बताया है. फोर्टिस हस्पताल के तंत्रिका वैज्ञानिकों ने कहा है की देश में बड़े शहरों के किशोरों में कम्प्यूटर लैपटॉप वीडियो गेम्स और अन्य इलैक्त्रोनिक्स उपकरण के बड़ते इस्तेमाल से उन्हें सिरदर्द की शिकायत का सामना करना पड़  रहा है. उन्होंने बताया की हालांकि इस विषय पर कोई व्यवस्थित अध्ययन नहीं किया गया है. उन्होंने बताया की  लोगों में माईग्रेन से होने वाले सिरदर्द की तुलना में तनाव से होने वाले सिरदर्द की ज्यादा शिकायत है. तंत्रिका विज्ञानी ने कहा की आम समस्या को नज़रंदाज़ नहीं किया जा सकता . क्योकि सिरदर्द अन्य रोगों का भी लक्षण है और ये अपने आप में ही एक बिमारी है. 
एक अन्य वैज्ञानिक ने बताया की सिरदर्द की अवधि पर गोर कीजिये, अगर यह लम्बे समय से है तो चिकित्सक से परामर्श किजिये. 

पीने का बहाना Wine Benefits


किसी ने सही ही कहा है की पीने वालो को पीने का बहाना चहिये. शराब पीने वालो को शराब पीने का एक और बहाना मिल गया है. एक नए शोध में पता चला है की कम मात्रा में शराब का सेवन करने से हृदय रोग की आशंका कम हो जाती है. 
शराब पीने वाले अब कह सकते है की दिन के एक या दो पेग पीने से वो डाक्टर को दूर रख रख सकते है. इस शोध के मुताबिक कम शराब पीने वाले न केवल ज्यादा स्वस्थ रहते है,बल्कि उनकी हृदय रोग की आशंका भी कम हो जाती है. शोध के अनुसार शराब का ज्यादा सेवन स्वस्थ के लिए हानिकारक है. लेकिन कम सेवन स्वास्थ्य को सुधरता है. शोधकर्ताओं के मुताबिक कम मात्रा में अल्कोहल का सेवन रक्त में कोलेस्ट्रोल के स्तर सहित अन्य तत्वों के स्तर पर भी सुधार ल सकता है. इससे हृदय की सुरक्षा में मदद मिल सकती है और रक्त वहिनाओ के अवरुद्ध होने का खतरा कम होता है. 
Sooooooooo CHEEEERSSSSSSS...........
पियो मगर हिसाब से……  

शनिवार, 23 फ़रवरी 2013

मानसिक शान्ति के लिए योग


योग प्राचीन समय से मानसिक शान्ति के लिए अपनाया जाने वाला मन्त्र है. यह शरीर आत्मा और दिमाग तीनो के लिए सामूहिक र्रूप से काम करता है. योगाचार्य कहते है की योग करने से आत्मिक शान्ति की अनुभूति होती है. 

योग का परिणाम 
योग शरीर के लिए किसी रामबाण के समान है. यह बात विज्ञान भी मानता है. रेगुलर योग करने से ह्रदय स्वस्थ रहता है. और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढती है. इसके रोजाना अभ्यास से एनर्जी लेवल बढता है. और मानसिक शान्ति मिलती है. 

एक कारगार उपाय 
एकाग्रता बढाने के लिए प्राणायाम, आसन और ध्यान लाभदायक है. एक्सपर्ट कहते है की प्राणायाम पर अच्छी पकड़ होने से एकाग्रता बढती है. इसमें धीमी और गहरी गति से सांस लेने के विभिन्न तरीके सिखाएं जाते है. जो श्वास सम्बन्धी गड़बड़ियों को दूर करने के साथ साथ फेफड़ों की कार्यक्षमता बढाने में भी मददगार है. आसन में स्टैंडिंग , बैलेंसिंग , फारवर्ड और बैकवार्ड बेंड्स और ट्विस्ट शामिल है. यह शरीर को मजबूती देने के साथ साथ ही मांसपेशियों में लचीलापन लाने में भी मददगार है. इसके अलावा योग शरीर का रक्त संचार बढाने में भी सहायक है. वाही ध्यान से दिमाग शांत व् स्थिर रहता है. हालांकि इसका ठोस सबूत नहीं मिला है की योग मानसिक स्तर पर असर कैसे डालता है. हालांकि यह स्ट्रेस दूर करने में शत प्रतिशत कारगार है. 

ध्यान रखें 
योग करते समय सावधानी रखें ताकि साईड इफैक्ट न हो . योग क्लास शुरू करने से पूर्व योग गुरु को अपनी शारीरिक और मानसिक परेशानियां बताये. यदि आप हाई ब्लड प्रेशर , ग्लूकोमा और हार्निया के मरीज है, तो अपसाईड डाउन पाशचर से परहेज करे, गर्भवती महिलायें बिना सलाह के कोई आसन न करें .

मंगलवार, 5 फ़रवरी 2013

बचें विषाक्त भोजन से Food Poisoning


विषाक्त भोजन तथा भोजन विषाक्तता को फ़ूड पायजनिंग कहा जाता है। भोजन के पकाने में लापरवाही , इसके बासी या पुराना हो जाने अथवा असुरक्षित ढंग से इसे रखने एवं खाने पर व्यक्ति इस से पीड़ित होता है। लक्षण दीखते ही इसका उपचार जरुरी है। अन्यथा भोजन के विष का प्रभाव शरीर में बाद जाने पर व्यक्ति की मौत भी हो सकती है।

लक्षण 
ऐसे भोजन के सेवन के कुछ देर बाद पेट फूलने जैसा लगता है। पेट में दर्द व् मरोड़ होता है। नाभि के आस-पास तेज दर्द होता है। सर चकराने लगता है,बेहोशी छा जाती है।  उल्टियां होने लगती है, दस्त भी होने लगते है। व्यक्ति में इनमे से एक या अधिक लक्षण भी एक साथ प्रकट हो सकते है।

कारण 
भोजन पकाने में लापरवाही या इसे सही ढंग से सुरक्षित नहीं रखने पर भोजन में तरह-तरह के घातक बैक्टीरिया उत्पन्न हो जाते है जो भोजन को विषाक्त बना देते है। यह सलाद, दही, खीर, खोया,मांस,ब्रैड अथवा दूध से बनी वस्तुओं के बासी होने पर घातक बैक्टीरिया के उत्पन्न होने के कारण होता है।

क्या करें 
विषाक्त भोजन का प्रभाव एक से 6 घंटे के भीतर दिखने लगता है। लक्षण दिखने पर   जीवन रक्षक घो;, फलों का रस, सूप कम मात्रा में धीरे-धीरे पियें बिना बुलबुले वाला सोडा भी पी सकते है। यदि सीने में जलन रोकने वाली गोली या एसिडिटी दूर करने वाली गोली फ़ूड पायजनिंग या डायरिया की स्थिति में लेते है तो मामला और बिगड़ सकता है। 
शरीर में घातक बैक्टीरिया से लड़ने की क्षमता होती है जो उक्त गोलियों के लेने से पीड़ित की ताकत क्षीण कर देते है। वैसे स्वयं उपचार या राहत पाने की उपाय करने की बजाये योग्य चिकित्सक से तत्काल जांच और उपचार करवाएं अन्यथा ये महामारी भी बन सकती है। 

सावधानियां 
+ सलाद व् अंकुरित चीजें साफ़ सुथरी रखें 
+ भोजन से पूर्व हाथों को भली भाँती साफ़ करें।
+ ज्यादा पुराना खट्टा दही न खाएं .
+ बासी भोजन करने से बचे।
+ गन्दी जगहों की बाजारी वस्तुओं का सेवन न करें।
+ सदी-गली, फल-सब्जी का किसी भी रूप में सेवन न करें।
+ अप्रचलित फल-सब्जी व् मशरूम को भली प्रकार  कर लें।
+ डिब्बाबंद, बोतलबंद चीजों की निर्माण व् कालातीत होने की तारिख देख कर ही प्रयोग करें।
+ किसी भी खाद्द वस्तु में अपरिचित गंध या दुर्गन्ध होने पर उसका सेवन न करें।



सुविचार-

प्रार्थना ऐसे करनी चाहिए जैसे कि सब कुछ ईश्वर पर निर्भर करता है

और काम ऐसे करना चाहिए कि सब कुछ हम पर निर्भर करता है ।

स्वस्थ रहने के लिए पैदल चले Walking For Good Health


पैदल चलने वाले अब कम रह गए है जबकि पैदल चलने को कसरत का राजा कहा जाता है। पैदल चलने से सभी तरह का लाभ मिलता है। यह बिना खर्च , अल्प श्रम एवं कुछ समय के भीतर पैदल चलने वालो को स्वास्थ्य लाभ दिलाता है।

आधुनिक विज्ञान भी पैदल चलने को एरोबिक्स कसरतों से मिलने वाले स्वास्थ्य लाभ के समतुल्य बताता है।  साधन सुविधाभोगी एवं नाना प्रकार की बीमारियों से त्रस्त व्यक्ति यदि पैदल चलने के महत्व को स्वीकार कर ले तो वे आगे सेहतमंद रह सकते है। शुगर, बी.पि., कोलेस्ट्रोल, मोटापा आदि अनेक रोगों में पैदल चलना परम्हित्कारी है।