कम्प्यूटर पर काम करने के चलते सिरदर्द की शिकायत करने वाले किशोरों की संख्या बढती जा रही है. तंत्रिका वैज्ञानिकों ने इसके लिए आँखों और मस्तिष्क पर पड़ने वाले दबाव को जिम्मेदार बताया है. फोर्टिस हस्पताल के तंत्रिका वैज्ञानिकों ने कहा है की देश में बड़े शहरों के किशोरों में कम्प्यूटर लैपटॉप वीडियो गेम्स और अन्य इलैक्त्रोनिक्स उपकरण के बड़ते इस्तेमाल से उन्हें सिरदर्द की शिकायत का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने बताया की हालांकि इस विषय पर कोई व्यवस्थित अध्ययन नहीं किया गया है. उन्होंने बताया की लोगों में माईग्रेन से होने वाले सिरदर्द की तुलना में तनाव से होने वाले सिरदर्द की ज्यादा शिकायत है. तंत्रिका विज्ञानी ने कहा की आम समस्या को नज़रंदाज़ नहीं किया जा सकता . क्योकि सिरदर्द अन्य रोगों का भी लक्षण है और ये अपने आप में ही एक बिमारी है.
एक अन्य वैज्ञानिक ने बताया की सिरदर्द की अवधि पर गोर कीजिये, अगर यह लम्बे समय से है तो चिकित्सक से परामर्श किजिये.



